Kal Raat Usako Khvaav..

  कल रात उसको ख्वाव में गले से लगाया था मैंने आज दिन भर मेरे दोस्त मेरी महक का राज़ पूछते रहे       Kal Raat Usako Khvaav Mein Gale Se Lagaaya Tha Mainne Aaj Din Bhar Mere Dost Meree Mahak Ka Raaz Puch Te Rahe

Na Sath Hai Kisi Ka Na..

ना साथ है किसी का ना सहारा है कोई ना हम हैं किसी के ना हमारा है कोई   Na Sath Hai Kisi Ka Na Sahara Hai Koi Na Ham Hain Kisi Ke Na Hmara Hai Koi   चेहरे की हसी से हर गम छुपाओ बहुत कुछ बोलो पर कुछ न बताओ खुद ना रूठो … Read more

Bichhad Gae To Ye Dil-Love Shayri..

बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूं मगर देख कर लगेगा नहीं   bichhad gae to ye dil umr bhar lagega nahin lagega lagane laga hai magar lagega nahin   nahin lagega use dekh … Read more